Wednesday, June 20, 2012

भावनाओं की गति....



भावनाएँ हमेशा ही अस्थायी होती है. जब हम अनजाने रहते हैं, जीवन एक भावना से दूसरे से में उड़कर चला जाता है.  जो इन्सान भावनाओं के आधार पर जीवन जीत है, जीवन में चरम सीमा का आघात महसूस करता है.  लेकिन जो इन्सान भावनाओं की बजाय जीवन में उसकी बुद्धि का उपयोग करता है, वह शांतिपूर्ण ओर सुखमय जीवन का अनुभव लेता है. भावनओंके कारण ही जीवन में आपदाए आती है.
भावनाएँ अहंकार से जन्म लेती है, जब भावनाए बहती है,  तो बुद्धि को भ्रष्ट कर देती है, याने ताला लगा देती है. जब बुद्धि की अनुपलब्धी होती है, तब वह व्यक्ति और उसके व्यक्तिगत वातावरण को भी नष्ट कर देती है.
Mother and Son – a sacred relation!

भावनाओं की गति....
 
विक्टोरिया के पति की मृत्यु हो गई तब उसका बेटा एडम केवल दो साल का था. एक छोटे बच्चे को पालकर एक स्वस्थ व्यक्ति बनाना यह वास्तव में ही विक्टोरिया के लिए बहोत ही कठिन काम था.
लेकिन उसने बड़ी मेहनत करके दोनों सिरों को मिलाया, और यह कर दिखाया. वे केप में समुद्र के पास एक छोटे शहर में रहते थे. दिन में तो वह जगह बड़ी शांतिपूर्ण थी लेकिन अँधेरा होते ही काफी खतरनाक हो जाती थी. सूर्यास्त के बाद सज्जन और महिला कभी बाहर नहीं निकलते थे. देखते ही देखते एडम एक शक्तिशाली और सुंदर युवा मे परिवर्तित हो गया.. विक्टोरिया एडम की सुरक्षा पर कुछ जादा ही ध्यान देती थी और उसने किसी ना किसी तरह शहर की किसीभी जटिलताओं से एडम दूर रखा था.  वह हमेशा उसके आस-पास रहती थी और इस बात का ध्यान रखती थी की वो सिर्फ अच्छे और सही लोगो के साथ ही मिले-जुले.
जब डायना, एडमकी जिंदगी मे आयी तब उसने अपनी पूरी कोशिश की उसकी अति उत्साही माँ से दूर उन्हें थोडासा एकांत मिले.
डायना को दो भाइ थे और वो लोग शहर के बाहरी इलाके में रह्ते थे. जब उनका प्यार गहरा हो गया तो एडम डायना के साथ जादा वक़्त बिताने लगा, घर से  अधिक दूर रहने लगा, यह बात विक्टोरिया को अधिक चिंतित, व्यथित करने लगी.
एडम 21 साल का था जब उसको एक कंपनी में एक प्रशिक्षु के रूप में  नौकरी मिली. उसके पास उसका काम था और उसका प्यार था. उसमे ही वह बहोत खुश था. लेकिन अपनी माँ के साथ वह बहोत कम समय बिताने लगा. विक्टोरिया की दुनिया में एडम को छोड़कर और कुछ भी नहीं था. वह अब बहोत अकेला और टुटा हुआ महसूस करने लगी थी.


Emotions!
एक शाम, जब सूर्यास्त के बाद डायना को घर छोड़कर जब एडम अपने घर वापिस आ रहा था तो उसने डायना के भाई को जिसका नाम सैम था, सड़क पर खून में लत-पत पडे  देखा तो वह  तुरंत उसे अस्पताल ले गया और वह  बच गया.
पुलिस आ गयी और उस लड़के ने उन लोगोंके नाम बता दिए जिन्होंने यह किया था उनको गिरफ्तार किया गया, लेकिन वो सभी चूंकि वयस्कता की आयु से नीचे थे, उन्हें चेतावनी और जुर्माना देकर छोड़ दिया गया. एडम के जीवन में यह पहला बदसूरत सा अनुभव था. उसने सोचा की वह उसकी माँ को यह बात नहीं बताएगा,  नहीं तो वह बेकार में ही परेशान हो जाएगी.  

दो महीने बाद, डायनाके भाई सैम की हालत में अब अच्छा सुधार हो गया था. एक दिन उसने एडम को पीणे के बहाने से आमंत्रित किया. एडम ने सोचा की सैम शायद अपनी जान बचाने के लिए कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता होगा इसीलिए वो मान गया. दोनों ही नियत स्थान पर मिले और कुछ पेय भी लिए. एडम ने उसका डायना से शादी करने का इरादा सैम को बताया. इस प्रकार से, उस सुखद शाम ने उनके संबंधों को और मजबूत बना दिया. अपनी चोट के बाद सैम ने बाइक की सवारी करना अब तक शुरू नहीं किया था, इसीलिए एडम ने उसको घर तक छोड़ देनें के लिए लिफ्ट ऑफर की, और वो दोनो चल पड़े.  लगभग रात के 10 बजे थे. जैसे ही वो लोग उस गली में पहुंचे जहां सैम पर पहले हमला किया गया था, उसकी बाइक किसी चीज से टकरा गयी और वो दोनों बाइक से नीचे गिर गए. इससे पहले की एडम कुछ समझ सकता की क्या हो रहा है, उसने देखा की तीन लडके सैम को सड़क के किनारे खींच कर ले जा रहे है. एडम सैम की ओर उसको बचाने  के लिए पहुंचा.  तीन  मे से बड़े लड़के ने एडम की ओर देखा और चिल्लाया "भागो, अगर तुम ज़िंदा रहना चाहते हो तो"  एडम ने उसको नजरअंदाज कर दिया और सैम को छुड़ाने के लिए लपका, अचानक उसकी पीठ के निचले हिस्से में उसे गंभीर दर्द महसूस हुआ, फिर उसने अपने शरीर पर किसी तेज हथियार के कई वार महसूस किये, वह बेहोश हो गया और उसकी आत्मा ने अपने घायल शरीरको तुरंत ही छोड़ दिया.
इस भयानक खबर के कठोर सदमे के साथही विक्टोरिया की  नींद खुली.  एडम मर चूका था. पुलिस ने कातिल को पकड़ लिया था, वो भी एक नौजवान था जो एडम से शायद उम्र मे बस कुछ साल से ही बड़ा था. विक्टोरिया पूरी तरह से बिखर गयी थी, टूट चुकी थी. वह नहीं जानती थी की वो अपनी जिंदगी कैसे बिताएगी, मृत्यु आने तक कैसे जीवन जी पायेगी, उसका पूरा जीवन बिखर गया था वह लाचारी से कांप रही थी.
 
People get lost in emotions!!
चूंकि यह एक हत्या का केस था, विक्टोरिया को अदालत में बुलाया गया गवाही देने के लिए. उसने अपने बेटे के कातिल को देखा जिसका नाम निक था. वह हत्या के लिए दोषी पाया गया था. वो उस पर चिल्लायी,  "कानून शायद तुम्हारी जान नहीं लेगा, लेकिन मैं तुम्हे मारूंगी,  मैं इंतजार करुँगी जब तक तुम वापस नहीं आ जाते,  मैं ज़िंदा रहूंगी बस तुम्हे मारने के लिए'.  'तुमने एक निर्दोष आदमी की हत्या की है, तुम्हे इसकी सजा मिलनी ही चाहिए."
हत्या के सजा के रूप में हत्यारे को 10 वर्षों का कारावास हो गया था. इस बात का कोई भी गवाह नहीं था, किन्तु परिस्थिति के अनुसार उसको ही गुन्हगार माना गया था. लेकिन, विक्टोरिया को यकीन था की इसीने एडम को मारा है,  यह एक माँ की भावना थी, विक्टोरिया ने सोचा की यह बहुत ही छोटी सजा है ऐसे जघन्य अपराध के लिए.

दस साल बीत गए. विक्टोरिया को निक के जेल से रिहा होने की तारीख और समय याद था. वो जेल के बाहर उसका इंतजार कर रही थी. जैसे ही निक जेलके फाटक से बाहर आया वह उसके पास गयी. निक ने बिना किसी डर या गुस्से की भावना से विक्टोरिया को देखा जैसे उसने अपने भाग्य से मुह मोड़ लिया हो. विक्टोरिया ने पूछा "तुम कहाँ जा रहे हो" उसने कहा कि "मुझे नहीं पता, मैं तो बेघर हूँ"
वह बोली मेरे साथ चलो, वह अपनी कार में निक को अपने  घर ले गयी,  वहां उसने उसको एक कमरा दिया और उसको नहाने के लिए बताया, नये कपड़े दिए जो कि उसके बेटे के थे. सौभाग्य से, एक जैसी ही अंगकाठी होने के कारण निक को वह कपडे ठीक से आ गए.
बाद में, उसने उसे सलाद, सूप और रोटी दी. भोजन के बाद  निक को उसने बेडरूम दिखाया, जो उसके बेटे का था और उसे शांति से सोने के लिए कहकर वो चली गयी. उस कमरे की दीवारों पर एडम के विभिन्न उम्र के कई फोटो लगे हुए थे, बचपन से लेके उसकी मृत्यु तक के. निक को नींद नहीं आ रही थी, उसका मन पश्चाताप से भर उठा. वह जेल की कम सुविधाओं मे भी आराम से नींद लेता था. लेकिन यहाँ, जिस व्यक्ति को उसने मार डाला था उसके कमरे में वह सो नहीं पा रहा था, पुरे कमरे मे उसे उसीके स्पंदनो की गुंजन महसूस हो रही थी..
अगली सुबह, विक्टोरिया ने देखा की निक ड्राईंग रूम के सोफे पर सो रहा है तो उसने उसे जगा दिया. उसके ब्रश और स्नान के बाद विक्टोरिया ने उसे पौष्टिक नाश्ता खिलाया. नाश्ते के बाद निक उठ कर जाने लगा तो विक्टोरिया ने पूछा "तुम कहां जाओगे? क्या तुम्हारा कोई घर है?" उसने कहा कि "नहीं, मैं एक अनाथ हूँ"  विक्टोरिया ने कहा कि "मैं यहाँ अकेली रहती हूँ. यह घर बड़ा है. तुम यहाँ जब तक चाहो रह सकते हो
 
Flow of Emotions!

निक ने अविश्वास से उसकी आँखों में देखा और एक हलकीसी आवाज में बोला "जब मैं जेल जा रहा था तो मैंने सुना था तुम चिल्ला रही थी, की मैं तुम्हें मार दूंगी, मैं तुम्हारा बाहर आने का इंतजार करुँगी मै तुम्हारी जान ले लुंगी"  "अब बताओ  मुझे, कब मारने वाली हो तुम मुझे?? क्या यह सब तुम इसीलिए कर रही हो की मुझे आरामसे अंत मे मार सको??"

विक्टोरिया ने सीधे उसकी आँखों में देखा और बिना निमिष के वह बोली "मैंने पहले ही उस आदमी को मार डाला है, जिसने मेरे बेटे की जान ली थी. तुम वो नहीं हो, तुम तो सिर्फ एक अनाथ हो, जो बेघर हैं,  मैं तुम्हें कैसे मार सकती हूँ?"
निक की आँखों में आँसू आ गए. विक्टोरिया ने उसका सर अपने कंधे पर रखा लिया और उसकी भावनाओं को आसुओं में बहने दिया...

Mercy, Forgiveness and Peace! 

क्षमा एक उच्चतम गुण है. प्यार अपराधियों को बदल सकता है, सजा अपराधोंको और उससे जुडी अपराधी भावना को प्रबलित करती है.
दया, क्षमा, शांति और प्रेम..... 
जय गुरुदेव

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